इंद्रियो पर नियंत्रण – इंद्रियो को नियंत्रित करने के उपाय

आज हम यह जानने जा रहे हैं कि हम अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण कैसे कर सकते हैं,क्योंकि यह कहा जाता है कि जो व्यक्ति अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण करता है वह कुछ भी कर सकता है,उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

इंद्रियो पर नियंत्रण

इंद्रिय किसे कहते है?

इंद्रिय हमारे शरीर के वो अवयव है जिनके माध्यम से किसी वस्तु के बारे मे या किसी चीज के बारे मे ज्ञान ग्रहण करते है।

११ इंद्रियो के नाम –

आंख,कान,नाक,जीभ और त्वचा ये पांच ज्ञानेंद्रिय है और हाथ,पैर,उपस्थ,गुदा और मुंह ये पांच कर्मेंद्रिय है।इसी के साथ मन भी एक इंद्रिय है,जिसको आंतरिक इंद्रिय भी कहा जाता है।

इंद्रियो पर नियंत्रण का महत्व –

हमारे इंद्रिय हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि हम अपनी इंद्रियों का अच्छी तरह से और संतुलित तरीके से उपयोग करते हैं,तो वे हमारे लिए एक वरदान हैं, लेकिन यदि हम उनका सही उपयोग नहीं करते हैं,तो वे इंद्रिय हमारे लिए सबसे बड़ी दुश्मन हैं।इंद्रियों पर नियंत्रण करने से हम अच्छा जीवन जी सकते है और सफलता प्राप्त कर सकते है.

इंद्रिय प्रकृति के तीन गुणों से बंधी होती है, इसलिए हमारे हाथ से अनुचित कार्य होने की संभावना रहती है।सत्वगुण,रजोगुण और तमोगुण ये प्रकृति के तीन गुण है।
सत्वगुण मे स्थित व्यक्ति अपने इंद्रियों को सहजता से नियंत्रित कर सकता है,रजोगुण मे स्थित व्यक्ति के लिए ऐसा करना एक तपस्या के समान होता है तो तमोगुण मे स्थित व्यक्ति अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं रख सकता।

जब हम हमारे इंद्रियों के नियंत्रण मे होते है,तब हम चाहकर भी कोई अच्छा कर्म नहीं कर सकते।इंद्रिय हमे इंद्रिय विषयों पर खींचती है जिससे हम हमारी इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं रख सकते।अगर इंद्रियों पर संयम रहेगा तो हम हमारी इच्छाओं पर भी नियंत्रण रख सकते है,उसके लिए अलग कार्य करने की जरूरत नहीं।बस हमे हमारे इंद्रियों को हमारे वश मे रखना है।

वास्तव में,बुद्धि को यह तय करना होता है कि इंद्रियों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।सब कुछ बुद्धि द्वारा किया जाता है।इंद्रिय मन के सीधे संपर्क में नहीं आती हैं।जब इंद्रियां मन के सीधे संपर्क में आती हैं तब हमारे हाथो से अनुचित कार्य होने लगते है इसलिए इंद्रियों को बुद्धि के माध्यम से आत्मा के साथ संबंध रखना चाहिए।

जब हम कुछ बुरा सुनते है,देखते है,खाते है तब हमारा मन उस बुरी चीज पर आसक्त हो जाता है।फिर उस बुरी चीज को करने का आदेश मन हे बुद्धि तक जाता है,और अगर हमारी बुद्धि मे वो ज्ञान नही है तो वो आदेश बुद्धि से इंद्रियों की तरफ जाता है,और इंद्रिय वो अनुचित कार्य कर बैठती है।

इंद्रियो पर नियंत्रण रखने के उपाय

इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने के लिए हमे हमारी बुद्धि को यथार्थ अध्यात्मिक ज्ञान को ग्रहण करने मे लगाना चाहिए जिससे मन से उत्पन्न बुरी इच्छाए बुद्धि वही रोक सकती है,उनको इंद्रियों तक नहीं भेज पाएगी।ऐसे करके हम हमारी इंद्रियों पर नियंत्रण रख सकते है।

इसलिए हमे हररोज भगवद्गीता जैसे शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए,जो हमारी बुद्धि के ज्ञान के स्तर को बढ़ाते है और हमे एक चरित्रसंपन्न व्यक्ति बनाते है।हमारे विषरूपी इंद्रियों का नियंत्रण करने के लिए हमे हमारी बुद्धि मे अमृतरूपी ज्ञान को डालना चाहिए।

इंद्रियों को नियंत्रित करने के लिए हमे ऐसे लोगों का संग करना चाहिए जिन्होंने पहले से ही अपने इंद्रियों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है।
जिस व्यक्ति का स्वयं की इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं है,ऐसे व्यक्ति का संग करने से हमारी इंद्रिय भी हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती है।

हमे हमारी इंद्रियों पर संयम रखना सिखना चाहिए क्योंकि इंद्रियों पर विजय प्राप्त करनेवाला व्यक्ति सफलता के शिखर पर पहुँच जाता है।
इंद्रिय हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है,इंद्रियों को नियंत्रित किए बिना हम संतुलित जीवन जी ही नही सकते।इसलिए हमे हमारे इंद्रियों को नियंत्रित करना चाहिए।

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